नौकरी वाली बहू – Kahaniya | Hindi Kahani | Bedtime Stories | Fairy Tail | Story Time | Comedy Movies

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नौकरी वाली बहू – Kahaniya | Hindi Kahani | Bedtime Stories | Fairy Tail | Story Time | Comedy Movies

नौकरी वाली बहू मीरपुर नाम के शहर में तेजस अपनी पत्नी मीरू के साथ रहता था पति पत्नी दोनों ही नौकरी करते थे 1 दिन तेजस गांव अपनी मां के पास फोन करता है हेलो प्रणाम मां जीते रहो बेटा मां तुम दादी बनने वाली हो अरे वाह ठीक है बेटा मैं कल ही आता हूं मा जी घर पहुंची तो बहुत अच्छे से स्वागत किया लीजिए मां जी चाय अरे गरमा गरम पकोड़े ले आओ मां के लिए मेरी रसोई में गई और 2 मिनट में ही पकोड़े ले आए जी ए लीजिए बहू जादू से बनाए हैं क्या अभी तो रसोई में गई थी यामी मां जी रसोई में पकौड़े तल रही है

मैं बस लेकर आई हे भगवान मेरा धर्म भ्रष्ट कर दिया तूने आप तो गंगाजल से शुद्ध करण करना होगा दूसरे दिन मां जी मैंने नाश्ता बना दिया ऑफिस जा रही हूं पर अभी तो सारा काम पड़ा है सील आती होगी झाड़ू, पोछा ,बर्तन, कपड़े सब ओ कर लेगी हमारे जमाने में घर का सारा काम हम ही करते थे जी मां जी आप बहुत होशियार है मैं घर और ऑफिस दोनों नहीं संभाल पाते जरूरत क्या है घर से बाहर जाकर चाकरी करने की वैसे भी घर का काम खुद करने से घर में बरकत आती है समझी पर मा जी, पर वर कुछ नहीं इस महीने की पगार ले ले फिर ऑफिस बंद है हां रात को मीरू तेजस से कहती है सुनिए जी मां जी बोल रहे थे कि मैं नौकरी छोड़ दूं वैसे तो ठीक ही तो है

अभी तुम्हें आराम की जरूरत है फिर भी आराम कहां शीला को छुड़ाने के लिए बोल रही थी और तुम 24 घंटे में इतना काम तो कर ही सकती हो पर जॉब पसंद है मुझे घर पर मन नहीं लगेगा अगले दिन जब दोनों ऑफिस के लिए निकल रहे थे तो मेरी तो कोई कीमत ही नहीं है इस घर में मां जी आजकल महंगाई बहुत बढ़ गई है अरे इंसान भी बदल गया है दोनों नौकरी करते हैं तो तभी ठीक रहता है अच्छा तू कहना क्या चाहते हैं मेरा बेटा बैठा कर खिला नहीं सकता तू ही इस घर का घर चला रही है है नहीं मा जी मेरा वह मतलब नहीं था मतलब खूब समझती हूं बाल सब धूप में सफेद नहीं की है

मैंने तो ए रोज का काम हो गया था तेजस्वी रोज एक शिक्षक से 1 दिन उसने कहा मेरु वैसे भी तो तुम्हें का मैटरनिटी मिलने वाली है तो अभी से छुट्टी ले लो पर पर क्या मेरी सैलरी अच्छी खासी है आखिर में रोने रिजाइन कर दिया तब जब बच्चा हुआ तो सब बहुत खुश हुए कुछ दिनों बाद तेजस फाइल देख रहा था क्या हुआ तेजस कुछ परेशान लग रहे हो हां वह हमारी जितनी 7c हो तो हॉस्पिटल में छठ एक फंक्शन में खत्म हो गई है मेरी और अभी वैसे मंदी चल रही है

तो मैं बोल रही थी कि मुन्ना को हैप्पी डेज को टीका लगवाना है मेरु क्या पोस्ट फोन नहीं कर सकते नहीं जी बिल्कुल नहीं अब तेजस को समझ में आ रहा था उससे गलती हुई है पैसों के गर्मी का असर है घर के माहौल पर भी पड़ रहा था अगले दिन बेटा मेरा चश्मा और एक दवाइयां ले आना पर्चा देते हुए मा जी ने कहा जी तेजस मोना के लिए दूध का डिब्बा और भी ले आना और किराने के सामान की लिस्ट है इसे भी लाना है तेजस गुस्से में लिस्ट मरोड़ का और चिल्लाता है

जैसे क्या पेड़ पर उगते हैं ले आना ले आना रे पर जरूरत का सामान ही है और गुस्से में बिना कुछ कहे ऑफिस में चला गया अरे लांच तो ले जाइए मेरी दौड़ कर आती है 1 दिन खाना खाने के बाद मेरी अब तुम मुन्ना कुछ बड़ा हो गया तो अब तुम वापस ज्वाइन कर लो ना जॉब पर इस रिसेशन में जॉब मिला बहुत मुश्किल है ट्राई तो करो फिर मुन्ना माझी है ना और एक फुल टाइम मैड इला लेंगे वर्मा जी उन्हें तो पसंद नहीं तभी माझी वहां जाते हैं

और प्यार से मिल के सर पर फिरते हुए बोलती है मेरी समझ में आ गई बहु पहले के अब के समय में अंतर है तुम काम शुरू करो मोना की जिम्मेदारी मेरी है मेरी प्यारी मां से एक कहकर मेरो उनके गले लग गई छा परिवर्तन संसार का नियम है हमें भी समय के साथ चलना चाहिए उम्मीद है कि हमारी कहानी पसंद आई होगी

माँ ही मंदिर,माँ ही पूजा,माँ से बढ़कर कोय न दूजा

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