beautiful poem on father & पिता पर खूबसूरत कविता

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Beautiful poem on father & पिता पर खूबसूरत कविता 

पिता एक उम्मीद है, एक आस है, परिवार की हिम्मत और विश्वास है,

बाहर से सख्त अंदर से नर्म है, उसके दिल में फन कई मर्म हैं।

पिता संघर्ष की आंधियों में हौसलों की दीवार है, परेशानियों से लड़ने को दो धारी लवार है,

बचपन में खुश करने वाला खिलौना है, नींद लगे तो पेट पर सुलाने वाला बिछौना है।

पिता जिम्मेवारियों से लदी गाड़ी का सारथी है, सबको बराबर का हक़ दिलाता यही एक महारथी है,

सपनों को पूरा करने में लगने वाली जान है, इसी से तो माँ और बच्चों की हचान है।

CHAIRMAN & MANAGING DIRECTOR

सुख तीन बार आता है।
पहले उम्मीद बनकर,
फिर सांत्वना
और अन्त में समझौता बनकर।

रिश्ता चाहे इस धरती पर कोई भी हो,
   सबका सिर्फ एक ही पासवर्ड है.

                 रोसा..

मेशा परिवार का हाथ पकड़ के चलिए साहब
 लोगों के पैर पकड़ने की जरूरत नहीं पड़ेगी.

   ड़ा आदमी वह है जो अपने
पास बैठे इंसान को कभी
छोटा महसूस होने ना दे।

By: Dayanand Sir Alias Deepak Sir

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