biography shri lal bahadur shastri

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श्री लाल बहादुर शास्त्री का जन्म मुगलसराय वाराणसी में 2 अक्टूबर 1950 को हुआ था | इनके पिता शारदा प्रसाद जी एक समान शिक्षक थे | डेढ़ वर्ष की आयु में ही इनके पिता का स्वर्गवास हो गया | शास्त्री जी की प्रारंभिक शिक्षा बड़ी निर्धनता में हुई | उन्होंने कहा कि जब मैं अपने गांव से वाराणसी पढ़ने जाता था, तो इतनी भी पैसे मेरे पास नहीं होते थे कि मैं ना में बैठकर गंगा पार कर सकता, इसीलिए गंगा को तैरकर ही पार करता था |

Shri Lal Bahadur Shastri was born on 2 October 1950 in Mughalsarai Varanasi. His father Sharda Prasad was an equal teacher. His father died at the age of one and a half. Shastri ji’s primary education was in great poverty. He said that when I used to go to Varanasi from my village, I did not have so much money that I could not cross the Ganges by sitting in the na, so I used to cross the Ganges by swimming.

सन 1921 ईस्वी में गांधी जी के आवाहन पर शास्त्री जी 16-17 वर्ष की अवस्था में स्कूली शिक्षा छोड़कर स्वाधीनता संग्राम में कूद पड़े | अंग्रेजों ने शास्त्री जी को ढाई वर्ष के लिए जेल में डाल दिया | जेल से निकलने के बाद उन्होंने काशी विद्यापीठ वाराणसी में अध्ययन प्रारंभ किया | वहां से उन्हें शास्त्री की उपाधि प्राप्त हुई |

At the call of Gandhiji in 1921 AD, Shastri left school education at the age of 16-17 and jumped into freedom struggle. The British put Shastri in jail for two and a half years. After leaving prison, he started studying at Kashi Vidyapeeth, Varanasi. From there he received the title of Shastri.

शास्त्री जी 1935 से 1938 तक उत्तर प्रदेश में कांग्रेस के महासचिव रहे | शास्त्री जी ने 9 वर्ष कारावास में बिताएं | शास्त्री जी कांग्रेस तथा सरकार में विभिन्न पदों पर रहे | सन 1947 में पंडित मंत्रिमंडल में गृह मंत्री, इसके बाद नेहरू मंत्रिमंडल में रेल तथा परिवहन मंत्री रहे | प्रत्येक पद पर शास्त्री जी ने निष्ठा तथा लगन से कार्य किया, इस कारण वे पंडित नेहरू के विश्वासपात्र तथा कृपा पात्र बने रहें | 27 मई 1964 को प्रधानमंत्री पंडित नेहरू का देहावसान हो गया |

Shastriji was general secretary of the Congress in Uttar Pradesh from 1935 to 1938. Shastri ji spent 9 years in imprisonment. Shastri ji held various positions in Congress and Government. In 1947, he was the Home Minister in the Pandit Cabinet, followed by the Minister of Railways and Transport in the Nehru Cabinet. On every post, Shastri ji worked with dedication and dedication, so he remained a loyal and kind character of Pandit Nehru. Prime Minister Pandit Nehru died on 27 May 1964.

कांग्रेस के सांसद सदस्यों ने सर्वसम्मति से शास्त्री जी को अपना नेता चुना |शास्त्री जी ने 9 जून 1964 को प्रधानमंत्री का पद संभाल लिया | शास्त्री जी का अपना निराला व्यक्तिगत था | वह शांत, गंभीर, मृदु एवं संकोची स्वभाव के थे | शास्त्री जी का यह अटूट विश्वास था कि प्रत्येक समस्या शांतिपूर्ण ढंग से सुलझाए जा सकती है और शत्रु को भी मित्र बनाया जा सकता है | 5 अगस्त 1965 से भारत और पाकिस्तान में युद्ध छिड़ा |यह समय शास्त्री जी ने ओजस्वी व संतुलित भाषण दिए तथा “जय जवान जय किसान” का नारा दिया |

The MP members of Congress unanimously elected Shastri as their leader. Shastri took over as the Prime Minister on 9 June 1964. Shastri ji had his own unique personal. He was calm, serious, soft and demure. Shastri ji had an unwavering belief that every problem can be solved peacefully and the enemy can also be made a friend. War broke out in India and Pakistan from August 5, 1965. At this time, Shastri gave powerful and balanced speeches and gave the slogan “Jai Jawan Jai Kisan”.

इस युद्ध में पाकिस्तान परास्त हुआ | संयुक्त राष्ट्र के प्रस्ताव के अनुसार 23 सितंबर 1965 को युद्ध बंद हो गया | रूस के आगरा फोन आमंत्रण पर शास्त्री जी व जनरल अयूब खान के बीच ताशकंद में वार्ता हुई और 10 जनवरी 1966 को ऐतिहासिक ताशकंद समझौता हो गया | रात के समय शास्त्री जी के सीने में दर्द हुआ और 11 जनवरी 1966 को ताशकंद में उनकी मृत्यु हो गई |

Pakistan was defeated in this war. The war ended on 23 September 1965 according to the UN resolution. Shastriji and General Ayub Khan held talks in Tashkent on the Agra phone invitation of Russia and the historic Tashkent agreement was reached on 10 January 1966. Shastri ji suffered chest pain at night and died on 11 January 1966 in Tashkent.

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