love shayari hindi sayari – उसकी गलती को जानते हुये भी, उसको

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Love Shayari Hindi Sayari – 

सकी गलती को जानते हुये भी,
उसको गलत मानने से इनकार करना… इश्क़ है..

काश मुझे भी सिखा देते तुम भूल जाने का हुनर,
मैं थक गया हूं हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते…

मेरी तक़दीर में जलना है तो जल जाऊँगा
तेरा वा’दा तो नहीं हूँ जो बदल जाऊँगा

सोज़ भर दो मिरे सपने में ग़म-ए-उल्फ़त का
मैं कोई मोम नहीं हूँ जो पिघल जाऊँगा

दर्द कहता है ये घबरा के शब-ए-फ़ुर्क़त में
आह बन कर तिरे पहलू से निकल जाऊँगा

मुझ को समझाओ न ‘साहिर’ मैं इक दिन ख़ुद ही
ठोकरें खा के मोहब्बत में सँभल जाऊँगा |

खुद को भूल गया उसे याद रखता है
इश्क में ऐसा कोन सा राज है

बेवफा से निभाया है कभी खुद से निभा
तुझे खुदपर किस बात का नाज है

हो सके तो कहीं उतार के फेंक दे इसे
ये वफा का महंगा लिबाज़ है

किस बात की सजा दी इस दिल को
मान ना मान तूं बड़ा बेलिहाज है

टूटकर भी तूं जूठा मुस्करा रहा है
वाह क्या गजब का अंदाज है

खुद के खिलाफ जा कर मोहब्बत की
जा JB जा तूं भी धोखेबाज है |

BY: Dayanand sir Alias Deepak Sir

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