Love Shayari Hindi Sayari – काश मेरी फिर वही पुरानी, रात आ जाए 

Spread the love

Love Shayari Hindi Sayari – 

काश मेरी फिर वही पुरानी, रात आ जाए
वो मोहब्बत वाली लबों पे, बात आ जाए

अब तो हम,खुदको भी नहीं पहचान पाते
तुम कोशिश करो, तो कुछ याद आ जाए

अक्सर, घुटनों पर गिर जाती है मोहब्बत
जो इश्क़ के बीच में अगर,जात आ जाए

मोहब्बत साथ में थी, तो सर झुका लिया
अकेले में हो जिसकी औकात, आ जाए

यारो उस वक्त उठाना, तुम मेरा ज़नाज़ा
जब उसके दरवाज़े पर, बारात आ जाए

उसकी अदालत में,कोई तो मेरे जैसा हो
हो कर कोई बे गुनाह, गिरफ़्तार आ जाए

एसी क़ातिल है, उसके आंखों की चमक
वो जो पत्थर को देखे, तो दरार आ जाए

बुलाया है हमे,खत्म रिश्ता करने ले लिए
हम दुआ कर रहे है, हमे बुखार आ जाए

अपना सर भी, शोक से झुका लेंगे भैरव
सामने उसका घर, या कोई मज़ार आ जाए |

By: Dayanand Sir Alias Deepak Sir

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *